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Pain Veda Oil & Wat Rogantak Powder
Pain Veda Oil & Wat Rogantak Powder
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Pain Veda Oil और Wat Rogantak Powder का यह शक्तिशाली आयुर्वेदिक कॉम्बो AYUSH द्वारा प्रमाणित है और विशेष रूप से जोड़ों के दर्द, गठिया, संधिशोथ और मांसपेशियों में अकड़न से राहत देने के लिए तैयार किया गया है। इसमें मौजूद प्राकृतिक जड़ी-बूटियां शरीर में वात दोष को संतुलित करती हैं, सूजन को कम करती हैं और जोड़ों को मजबूत बनाती हैं।
जोड़ों में दर्द के प्रकार:
🟢 अर्थ्रेल्जिया: किसी एक जोड़ में दर्द होना
🟢 अर्थराइटिस: किसी जोड़ में दर्द और जलन होना
🟢 पॉलीआर्टिकुलर जोड़ों का दर्द: एक से ज़्यादा जोड़ों में दर्द होना
🟢 टेंडनाइटिस: मांसपेशियों और हड्डियों को जोड़ने वाले टिशू में सूजन
🟢 बर्साइटिस: जोड़ में मौजूद तरलयुक्त थैली में सूजन
🟢 गठिया: जोड़ों में सूजन और जलन होना
हमारा उत्पाद क्यों श्रेष्ठ है?
🟢 AYUSH प्रमाणित – पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी आयुर्वेदिक समाधान
🟢 100% आयुर्वेदिक – बिना किसी केमिकल या साइड इफेक्ट के शुद्ध जड़ी-बूटियों से निर्मित
🟢 तेजी से असरदार – नियमित उपयोग से दर्द और सूजन में जल्दी आराम
🟢 गठिया और जोड़ों के दर्द में लाभदायक – वात संतुलन कर हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाता है
🟢 रक्त संचार में सुधार – जोड़ों में चिकनाहट बनी रहती है और अकड़न कम होती है
🟢 पुराने से पुराने दर्द में असरदार – लंबे समय से चले आ रहे जोड़ों के दर्द और गठिया में बेहद प्रभावी
🟢 डॉक्टर द्वारा प्रमाणित – आयुर्वेदिक विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित
कैसे काम करता है?
🟢 Pain Veda Oil:
✔ यह हर्बल तेल त्वचा में गहराई तक समाकर जोड़ों की जकड़न को कम करता है और सूजन को दूर करता है।
✔ इसके नियमित उपयोग से जोड़ों में लचीलापन बढ़ता है और दर्द से राहत मिलती है।
🟢 Wat Rogantak Powder:
✔ यह आयुर्वेदिक चूर्ण शरीर में जमा हुए विषैले तत्वों को बाहर निकालकर वात संतुलन बनाए रखता है।
✔ यह पुराने से पुराने जोड़ों के दर्द और सूजन में अत्यंत प्रभावी है।
✔ जोड़ों के बीच की चिकनाई सिनोवियल द्रव से बनती है, जो हड्डियों के सिरों को कुशन और सुरक्षा देता है तथा गति के दौरान घर्षण को कम करता है।
उपयोग करने की विधि (How to Use)
🟢 Pain Veda Oil:
✔ दिन में 1 बार नहाने के बाद एवं रात में सोने से पहले हल्के हाथों से प्रभावित जोड़ों पर 5-10 मिनट तक मालिश करें।
✔ बेहतर परिणाम के लिए तेल लगाने के बाद कम से कम 1 घंटे तक पानी से बचें।
✔ बालू या रेत से बनी पोटली से सिकाई की जा सकती है। यह एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसे पोटली मसाज थेरेपी भी कहा जाता है।
🟢 Wat Rogantak Powder:
✔ 1 चम्मच चूर्ण (लगभग 3-5 ग्राम) को 1 गिलास गुनगुने पानी के साथ सुबह एवं शाम को सेवन करें।
✔ चिकित्सक के परामर्श अनुसार सेवन करें।
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